સ્વદેશી જાગરણ અભિયાન

Swadeshi Popularization in India

Stop poisoning yourself and save INDIA 12/02/2011

Filed under: India,MNC,multinational,Politics,Products,Swadeshi — Hiren V. Majithiya @ 11:29 AM
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कोमनवेल्थ गेम्स हो या आदर्श कोभांड या फिर 2G स्पेक्ट्रम कांड, आज भारत देश की प्रतिष्ठा हर एक क्षेत्रमे अधोगति कर रही हे |
और हमारे संसद में कोन बेठेगा, कोन प्रधानमंत्री बनेगा वो सब आंतर्राष्ट्रीय ताकते और बहुराष्ट्रीय कम्पनिया करती हे |
और वो लोग सत्ता के शीर्ष स्थान पर बैठकर हमारा भविष्य तय करते हे |
उन्होंने मिलके हमारे लोगोकी जिंदगी बर्बाद करनेका और हमारी संस्कृतिको ध्वस्त करनेका एक एजंडा बनाकर उसपर जी-जान से लगे हुवे हे |
पहेले नुक्लियर लाएबिलिटी बिल लाकर हमारे स्वास्थ्य पर भारी भय बना दिया हे | इस कानून के लागु होने से विदेशी कम्पनिया हमारे देशमे न्यूक्लियर सामनका व्यापर कर सकेंगे और अगर इसमें कोई दुर्घटना हो जाती हे तो भोपाल कांड की तरह तदपा कर मार दिए जायेंगे | इसके बाद देशभर में बहोत सारे न्यूक्लियर रिएक्टर बनाये जायेंगे और करीब करीब देशका ९८% भूभाग इसकी असर-विस्तारमे आ जायेगा | और सबसे बड़ी बात ये हे की इससे जो विद्युत्-उर्जा उत्पन्न होगी वह देशकी जरुरतकी सिर्फ १० प्रतिशत आपूर्ति कर पायेगा |
इसके आलावा अमेरिका की कुछ कम्पनिया जो दवाईया भारतमे धड़ल्ले से बेच रही हे उनमे से बहोत सारी दवाईया अमेरिका में प्रतिबंधित हे | इस तरह से अलग अलग तरह से ये लॉबी हमारे स्वास्थ्य पर खतरा खड़ा कर रही हे|
अभी कुछ समय पहेले संसद में एक समलेंगिकता को अधिकृत बनानेवाला कानून बनाया गया जिसे हमारे देशका कोई भी संप्रदाय सही नहीं मानता (पर हमारी संस्कृति पर प्रहार किया जा रहा हे) | वो बात अभी भूले नहीं हे की दूसरा एक कानून लाने के बारेमे सर्कार सोच रही हे और वो हे “१२ साल के बच्चे सेक्स मनाये तो वो अधिकृत हे” ये और कुछ नहीं सरकार की और कथित उस लॉबी के दिमाग की उपज हे|
इसको (इस हालत और उन लोगो को) अगर हम परस्त करना चाहे तो हमें वोही करना होगा जो १९४७ में हुवा था, हां संपूर्ण स्वराज्य | आज भी स्वतंत्र कहेलानेवाले हम ४००० से अधिक बहुराष्ट्रीय कम्पनियोके गुलाम हे| ये बहुराष्ट्रीय कंपनिया अपनी घटिया क्वोलिटीके सामान यहाँ बेचकर बहुत भारी मुनाफा कम रहे हे| और सबसे बड़ी बात ये हे की ये सब चीज़े जीरो-तकनिकी के सामान होते हे| जब हमें सुपर-कोम्प्युटर चाहिए था तब अमेरिका ने साफ़ मना कर दिया और तब हमारे वैज्ञानिकोने “परम” खुद बनाया था| तो ये बात तो झूठ ही हे के वो हमारे देश में टेकनोलोजी लाते हे|
इनमें सबसे बड़ी जो कम्पनिया हे उनमे से दो हे पेप्सी और दूसरी हे कोका-कोला |
तो अगर आपको हमारे देशके प्रति अगर सहानुभूति हे तो इनके बहोत सारे “कचरे” को मत पिए या पिने से पहेले सोचे की आप इस स्वतन्त्र देशमे गुलाम बनकर रहेना चाहते हे?

ये रहे उनके जाने-माने उत्पाद जिसका हमें बहिष्कार करने चाहिए|

जय हिंद

कृपया इन उत्पादों को ख़रीदे|


 

 
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